
रतलाम/इंडियामिक्स मध्यप्रदेश के एक जिला के कलेक्टर इन दिनों आमजन में चर्चा का विषय बने हुए हैं। कारण आमजन की समस्या मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचना। बात चाहे दुर्घटना स्थल की हो या फिर ऐसे दूरदराज गाँव जहां कार का रास्ता नहीं होने पर ग्रामीण की मोटरसाइकिल पर बैठकर पहुंचने का। सभी मामलों में ये कलेक्टर की खास से आम बनने की बात चौराहों पर विषय बन चुकी चर्चा की।
दरअसल रतलाम कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने बुधवार को आदिवासी अंचल के ग्राम बेड़दा में विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों व खंड स्तरीय अधिकारियों तथा ग्रामवासियों के साथ निरीक्षण किया। ग्राम चौपाल का आयोजन कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी, समझी और निराकरण हेतु आश्वस्त किया। चौपाल में कलेक्टर सूर्यवंशी का पूरा ध्यान आदिवासी समुदाय के अंचल के लोगों को पैसा एक्ट के अंतर्गत आने वाले अधिकारों से अवगत कराने में रहा। जब कलेक्टर को जमुनिया तालाब की समस्याओं से अवगत कराया गया तो वे ग्रामीण के साथ मोटरसाइकिल पर बैठ मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों के साथ मौका परीक्षण कर सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि तालाब की समस्या का तुरंत निराकरण करें। दरअसल यह तालाब ऐसे स्थान पर था जहां कलेक्टर का या अन्य कोई चार पहिया वाहन नहीं पहुंच सकता था। इस दौरान उन्होंने आदिवासियों को उनके अधिकार की भी जानकारी देकर जागरूक किया।
तीन अधिकारियों के विरुद्ध की कार्रवाई
कलेक्टर सूर्यवंशी ने कार्य में शिथिलता बरतने पर महिला बाल विकास विभाग के दो सुपरवाइजरों की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए। पेयजल की समस्या सामने आने पर पीएचई के एसडीओ का सात दिन का वेतन काटने के आदेश दिए।
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