INDIAMIXINDIAMIXINDIAMIX
  • देश
  • मध्यप्रदेश
    • रतलाम
    • देवास
    • उज्जैन
    • सीहोर
    • इंदौर
    • भोपाल
    • झाबुआ
    • धार
    • सतना
    • रीवा
  • राज्य
    • गुजरात
      • दाहोद
    • उत्तरप्रदेश
      • लखनऊ
    • राजस्थान
      • जयपुर
      • उदयपुर
  • राजनीति
  • मनोरंजन
  • दुनिया
  • अन्य
    • YouTube
    • Story Archives
    • टेक्नोलॉजी
    • विडियो
    • सेहत/घरेलु नुस्खे
    • धर्म/ज्योतिष
    • कला/साहित्य
    • खेल
Search
  • About Us
  • Cookie Policy
  • Support Us
  • Fact Checking Policy
  • Ethics Policy
  • Term of Use
  • Corrections Policy
  • Privacy Policy
  • Contact Us
© 2018-2025 IndiaMIX Media Network., All Rights Reserved. Designed by Kamakshi Web +91-8959521010
Reading: राजनीति: सामाजिक समरसता और जातीय टकराव के बीच बंटी राजनीति
Share
Notification
Font ResizerAa
INDIAMIXINDIAMIX
Font ResizerAa
  • देश
  • मध्यप्रदेश
  • राज्य
  • राजनीति
  • मनोरंजन
  • दुनिया
  • अन्य
Search
  • देश
  • मध्यप्रदेश
    • रतलाम
    • देवास
    • उज्जैन
    • सीहोर
    • इंदौर
    • भोपाल
    • झाबुआ
    • धार
    • सतना
    • रीवा
  • राज्य
    • गुजरात
    • उत्तरप्रदेश
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • मनोरंजन
  • दुनिया
  • अन्य
    • YouTube
    • Story Archives
    • टेक्नोलॉजी
    • विडियो
    • सेहत/घरेलु नुस्खे
    • धर्म/ज्योतिष
    • कला/साहित्य
    • खेल
Follow US
  • About Us
  • Cookie Policy
  • Support Us
  • Fact Checking Policy
  • Ethics Policy
  • Term of Use
  • Corrections Policy
  • Privacy Policy
  • Contact Us
© 2018-2025 IndiaMIX Media Network., All Rights Reserved. Designed by Kamakshi Web +91-8959521010
INDIAMIX > राजनीति > राजनीति: सामाजिक समरसता और जातीय टकराव के बीच बंटी राजनीति
राजनीति

राजनीति: सामाजिक समरसता और जातीय टकराव के बीच बंटी राजनीति

Politics divided between social harmony and caste conflict

अजय कुमार
Last updated: 28/06/2025 1:20 AM
By
अजय कुमार
Share
8 Min Read
SHARE
Politics divided between social harmony and caste conflict

न्यूज़ डेस्क/इंडियामिक्स उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में गहरी चिंता व्यक्त की कि किस प्रकार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हिन्दू समाज को एकजुट करने के प्रयासों के विपरीत, कुछ गैर-भाजपा राजनीतिक दल और उनके समर्थक तत्व योजनाबद्ध ढंग से हिन्दू समाज को जातियों के नाम पर बांटने का षड्यंत्र रच रहे हैं। उन्होंने इसे एक गैर-राजनैतिक साजिश की संज्ञा दी और कहा कि यह केवल सत्ता की राजनीति नहीं बल्कि सनातन संस्कृति, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता पर सीधा हमला है। योगी का यह बयान उस समय आया जब कथावाचक मुकुट मणि यादव का विवाद सुर्खियां बटोर रहा था। दरअसल,मुकुटमणि यादव ने हाल ही में एक धार्मिक आयोजन के दौरान  विवादित बयान दिया था जिसको लेकर हंगामा शुरू हो गया, जिसमें उन्होंने(मुकुटमणि यादव) कुछ ऐतिहासिक और धार्मिक संदर्भों पर टिप्पणी की थी। इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल मच गया और देखते ही देखते यह मामला राजनीतिक रंग लेने लगा। शुरुआत में तो यह एक धार्मिक और सामाजिक बहस का मुद्दा था, लेकिन जल्द ही विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने इसे अपने-अपने तरीके से भुनाना शुरू कर दिया।समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं ने मुकुट मणि यादव के समर्थन में बयान देते हुए इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा बताया। उनका कहना था कि यादव ने जो कहा, वह ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है और इसमें कोई आपत्तिजनक बात नहीं थी। वहीं, अन्य पार्टियों के नेताओं ने इसे सीधे-सीधे समाज में जहर घोलने वाला बयान करार दिया। कुछ नेताओं ने मुकुट मणि यादव को सांप्रदायिक बताते हुए उन पर कानूनी कार्रवाई की मांग की।

इस विवाद ने न केवल धार्मिक भावनाओं को भड़काया, बल्कि राजनीतिक दलों के बीच की खाई को और गहरा कर दिया। कई जगहों पर यादव के समर्थन और विरोध में प्रदर्शन हुए। सोशल मीडिया पर ट्रेंड चलाए गए और बयानबाजी तेज हो गई। जिन बातों को समझदारी से सुलझाया जा सकता था, उन्हें नेताओं ने वोट बैंक की राजनीति में बदल दिया। नतीजतन, एक धार्मिक प्रवचन राजनीतिक लड़ाई का कारण बन गया, जिसमें सच्चाई और संवाद की जगह कटुता और आरोप-प्रत्यारोप ने ले ली। इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया कि जब तक राजनीतिक स्वार्थ ऊपर रहेगा, तब तक कोई भी सामाजिक या धार्मिक मुद्दा विवाद से अछूता नहीं रह सकता।इस विवाद के बीच मुष्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक समारोह के दौरान कहा कि भाजपा ने हमेशा समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँचने की कोशिश की है, चाहे वह किसी भी जाति या वर्ग का हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा का हिन्दुत्व जातिविहीन, समरसतामूलक और राष्ट्रवादी दृष्टिकोण पर आधारित है, जो एक भारत, श्रेष्ठ भारत की अवधारणा को साकार करता है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों की राजनीति केवल विभाजन, तुष्टीकरण और जातिगत समीकरणों पर टिकी है, जिससे समाज में वैमनस्य बढ़ रहा है।

इस सन्दर्भ में, उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार कुछ राजनीतिक संगठन चुनाव आते ही पिछड़ी, दलित या सवर्ण जातियों के नाम पर भावनात्मक भाषण देते हैं, रैलियों में जातिगत नारे लगवाते हैं, और जाति-विशेष के मसीहा बनने का प्रयास करते हैं। योगी ने सवाल उठाया कि जो लोग सालों से सत्ता में रहे, उन्होंने कभी गरीबों के घर बिजली, पानी, शिक्षा या स्वास्थ्य क्यों नहीं पहुँचाया? क्यों उन्होंने जातियों के नाम पर केवल वोट मांगे और सत्ता में आते ही अपनी व्यक्तिगत समृद्धि सुनिश्चित की? कई राजनीतिक विश्लेषकों और बुद्धिजीवियों ने भी इस विषय पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. संजीव त्रिपाठी ने कहा, यह स्पष्ट है कि भाजपा की हिन्दुत्व की राजनीति अब केवल धार्मिक पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समरसता की ओर बढ़ रही है। इससे विपक्षी दलों के पारंपरिक जातिगत समीकरण कमजोर हो रहे हैं, इसलिए वे बौखलाहट में पुनः जातिगत ध्रुवीकरण की ओर जा रहे हैं।

इसी प्रकार लखनऊ विश्वविद्यालय की समाजशास्त्र की प्रोफेसर डॉ. रूचि श्रीवास्तव का कहना है, भारतीय समाज ऐतिहासिक रूप से जातियों में विभाजित रहा है, लेकिन स्वतंत्रता के बाद से अब तक जाति को केवल वोटबैंक की तरह इस्तेमाल किया गया। यदि अब कोई नेता इसे समरसता में बदलने की बात करता है, तो उसका विरोध केवल इसलिए हो रहा है क्योंकि इससे कुछ लोगों की राजनीति संकट में पड़ सकती है।

एक प्रसिद्ध लेखक और सामाजिक चिन्तक डॉ. नरेश मालवीय ने टिप्पणी करते हुए कहा, वास्तव में यह एक बड़ा नैरेटिव युद्ध है। भाजपा हिन्दुओं को एक समरूप सांस्कृतिक पहचान के माध्यम से एक मंच पर लाना चाहती है, जबकि विपक्ष इसे सामाजिक विविधता के नाम पर तोड़ना चाहता है। लेकिन यह विविधता तब तक उपयोगी नहीं जब तक वह समाज को जोड़ती है, न कि बाँटती है।

गौरतलब हो हाल ही में कुछ विपक्षी नेताओं द्वारा पिछड़े और दलित समुदायों के नाम पर अलग-अलग सम्मेलन आयोजित किए गए, जिसमें देखा गया कि किस प्रकार जातिगत पहचान को फिर से मुखर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी ने इसे राजनैतिक मुनाफाखोरी का कुत्सित प्रयास बताया और कहा कि अब समय है कि जनता इस षड्यंत्र को पहचानें और समरस समाज के निर्माण में सहयोग दें।

इस पर राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि 2024 के आम चुनावों में भाजपा ने जिस प्रकार सबका साथ, सबका विकास के नारे को विस्तार देकर सबका प्रयास की ओर ले जाया गया, वह उनके समावेशी  दृष्टिकोण को दर्शाता है। इसके मुकाबले, विपक्ष की रणनीति जातिगत गणनाओं और संख्यात्मक समीकरणों पर आधारित दिखती है, जो आज के समय में युवाओं और शहरी मध्यम वर्ग को बहुत आकर्षित नहीं कर पा रही। जहाँ एक ओर भाजपा अपने कार्यक्रमों में समाज के सभी वर्गों को शामिल करने का प्रयास कर रही है, वहीं विपक्ष के जाति आधारित सम्मेलन यह संदेश देते हैं कि वे अभी भी सामाजिक एकता की बजाय विखंडन की राजनीति पर भरोसा कर रहे हैं। यही कारण है कि योगी आदित्यनाथ की चिंता केवल राजनैतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक धरातल पर भी विचारणीय है। ऐसे में यह साफ तौर पर कहा जा सकता है है कि आने वाले समय में भारतीय राजनीति केवल चुनावी आंकड़ों की नहीं, बल्कि विचारधारात्मक संघर्ष की होगी, जहाँ एक ओर सनातन समरसता की बात होगी और दूसरी ओर जातीय टकराव की राजनीति। 

डिस्क्लेमर

 खबर से सम्बंधित समस्त जानकारी और साक्ष्य ऑथर/पत्रकार/संवाददाता की जिम्मेदारी हैं. खबर से इंडियामिक्स मीडिया नेटवर्क सहमत हो ये जरुरी नही है. आपत्ति या सुझाव के लिए ईमेल करे : editor@indiamix.in

Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Threads
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Cry0
Surprise0
Angry0
Embarrass0
Byअजय कुमार
Follow:
वरिष्ठ पत्रकार , इंडियामिक्स, लखनऊ, उत्तर प्रदेश
Previous Article विश्लेषण : मोदी सरकार की तटस्थ रहने वाली विदेश नीति विश्लेषण : मोदी सरकार की तटस्थ रहने वाली विदेश नीति
Next Article देश: संविधान की प्रस्तावना पर संघ का प्रश्न या भारत की आत्मा पर चोट? देश: संविधान की प्रस्तावना पर संघ का प्रश्न या भारत की आत्मा पर चोट?
Leave a review Leave a review

Leave a Review Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Please select a rating!

प्रशासनिक अधिकारियो से, नेताओ से और पुलिस से आपका निजी लगाव आपकी पत्रकारिता को निष्पक्ष नहीं रहने देता

मुकेश धभाई, संपादक, इंडियामिक्स

Stay Connected

FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
WhatsAppFollow
Google NewsFollow
ThreadsFollow
RSS FeedFollow

Latest News

राजनीति: बिहार में शून्य के पहाड़ पर समाजवादी पार्टी
राजनीति: बिहार में शून्य के पहाड़ पर समाजवादी पार्टी
राजनीति
30/08/2025
AI के दुरुपयोग से तेज बने Cyber Criminal, सुरक्षा तंत्र को रक्षात्मक नहीं आक्रमक होना पड़ेगा!
AI के दुरुपयोग से तेज बने Cyber Criminal, सुरक्षा तंत्र को रक्षात्मक नहीं आक्रमक होना पड़ेगा!
टेक्नोलॉजी
30/08/2025
राजनीति: योगी के पास संभल हिंसा-डेमोग्राफी चेंज की रिपोर्ट आते ही सियासत शुरू
राजनीति: योगी के पास संभल हिंसा-डेमोग्राफी चेंज की रिपोर्ट आते ही सियासत शुरू
उत्तरप्रदेश
28/08/2025
राजनीति: लखनऊ में आयेगा राजनाथ के बाद बेटे नीरज का दौर !
राजनीति: लखनऊ में आयेगा राजनाथ के बाद बेटे नीरज का दौर !
राजनीति
28/08/2025
राजनीति: माया राजनीति से मोह भंग की शिकार नहीं, बस सही समय का इंतजार !
राजनीति: माया राजनीति से मोह भंग की शिकार नहीं, बस सही समय का इंतजार !
राजनीति
27/08/2025

पत्रकारिता आपकी जान ले सकती हैं, लेकिन जब तक आप इसमें हैं, तब तक ये आपको जीवित रखेगी.

होरेस ग्रीले
  • About Us
  • Cookie Policy
  • Support Us
  • Fact Checking Policy
  • Ethics Policy
  • Term of Use
  • Corrections Policy
  • Privacy Policy
  • Contact Us
INDIAMIXINDIAMIX
Follow US
© 2018-2025 IndiaMIX Media Network., All Rights Reserved. Designed by Kamakshi Web +91-8959521010
adbanner