INDIAMIXINDIAMIXINDIAMIX
  • देश
  • मध्यप्रदेश
    • रतलाम
    • देवास
    • उज्जैन
    • सीहोर
    • इंदौर
    • भोपाल
    • झाबुआ
    • धार
    • सतना
    • रीवा
  • राज्य
    • गुजरात
      • दाहोद
    • उत्तरप्रदेश
      • लखनऊ
    • राजस्थान
      • जयपुर
      • उदयपुर
  • राजनीति
  • मनोरंजन
  • दुनिया
  • अन्य
    • YouTube
    • Story Archives
    • टेक्नोलॉजी
    • विडियो
    • सेहत/घरेलु नुस्खे
    • धर्म/ज्योतिष
    • कला/साहित्य
    • खेल
Search
  • About Us
  • Cookie Policy
  • Support Us
  • Fact Checking Policy
  • Ethics Policy
  • Term of Use
  • Corrections Policy
  • Privacy Policy
  • Contact Us
  • About Us
  • Cookie Policy
  • Support Us
  • Fact Checking Policy
  • Ethics Policy
  • Term of Use
  • Corrections Policy
  • Privacy Policy
  • Contact Us
© 2018-2025 IndiaMIX Media Network., All Rights Reserved. Designed by Kamakshi Web +91-8959521010
Reading: राजनीति: लखनऊ में आयेगा राजनाथ के बाद बेटे नीरज का दौर !
Share
Notification
Font ResizerAa
INDIAMIXINDIAMIX
Font ResizerAa
  • देश
  • मध्यप्रदेश
  • राज्य
  • राजनीति
  • मनोरंजन
  • दुनिया
  • अन्य
Search
  • देश
  • मध्यप्रदेश
    • रतलाम
    • देवास
    • उज्जैन
    • सीहोर
    • इंदौर
    • भोपाल
    • झाबुआ
    • धार
    • सतना
    • रीवा
  • राज्य
    • गुजरात
    • उत्तरप्रदेश
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • मनोरंजन
  • दुनिया
  • अन्य
    • YouTube
    • Story Archives
    • टेक्नोलॉजी
    • विडियो
    • सेहत/घरेलु नुस्खे
    • धर्म/ज्योतिष
    • कला/साहित्य
    • खेल
Follow US
  • About Us
  • Cookie Policy
  • Support Us
  • Fact Checking Policy
  • Ethics Policy
  • Term of Use
  • Corrections Policy
  • Privacy Policy
  • Contact Us
© 2018-2025 IndiaMIX Media Network., All Rights Reserved. Designed by Kamakshi Web +91-9753910111
INDIAMIX > राजनीति > राजनीति: लखनऊ में आयेगा राजनाथ के बाद बेटे नीरज का दौर !
उत्तरप्रदेशराजनीति

राजनीति: लखनऊ में आयेगा राजनाथ के बाद बेटे नीरज का दौर !

बात सांसद राजनाथ सिंह की कि जाये तो राजनाथ सिंह की छवि भारतीय राजनीति में एक अनुशासित, विचारधारा-आधारित और संगठनप्रिय नेता के रूप में हैं।

अजय कुमार
Last updated: 30/08/2025 8:52 PM
By
अजय कुमार
Share
8 Min Read
SHARE
After Rajnath, son Neeraj's turn will come in Lucknow!

न्यूज़ डेस्क/इंडियामिक्स उत्तर प्रदेश की राजधानी, हमेशा से भारतीय राजनीति का केंद्र रहा है। यह लोकसभा सीट उतनी ही प्रतीकात्मक है जितनी अहम। ’’अटल बिहारी वाजपेयी’’ जैसे दिग्गज नेता ने यहां से भारतीय राजनीति को नई दिशा दी थी। अटल जी से पूर्व 1952 में विजय लक्ष्मी पंडित,1971 शीला कौल,1977 हेमवती नंदन बहुगुणा,1989 मंधाता सिंह जैसी दिग्गज हस्तियां लखनऊ से चुनाव जीत चुकी थीं। 1991 से यह सीट भाजपा के कब्जे में है । यहाँ के सबसे प्रसिद्ध सांसद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी  वाजपेयी ने इस सीट से आठ बार चुनाव लड़ा। पहली बार उन्होंने 1955 का उपचुनाव लड़ा और तीसरे स्थान पर रहे। फिर 1957 और 1962 में वे दूसरे स्थान पर रहे। इन तीन हार के बाद, उन्होंने लगातार पाँच बार, 1991, 1996, 1998, 1999 और 2004 में, यह सीट जीती। इसके बाद अटल जी ने राजनीति से सन्यास ले लिया और 2009 में उनकी जगह अटल जी के ही करीबी और लखनऊ निवासी लाल जी टंडन ने यह सीट जीती। फिर 2014 में राजनाथ सिंह की बारी आई। रक्षा मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता ’’राजनाथ सिंह जो 2009 में गाजियाबाद से सांसद थे ने, 2014 के आम चुनाव से इस पर अपनी पकड़ मजबूत बना ली। 20214,2019 और 2024 यानी तीन बार से राजनाथ सिंह यहां से सांसद चुने गये। अब चर्चा इस बात की  हो रही है कि 2029 के बाद राजनाथ सिंह सक्रिय चुनावी राजनीति से संन्यास ले लेंगे और उनकी जगह उनके बेटे नीरज सिंह लखनऊ से मैदान में उतरेंगे। मगर सवाल यह है कि नीरज सिंह क्या बीजेपी के अन्य सांसदों  के कद के नेता हैं।

बात सांसद राजनाथ सिंह की कि जाये तो राजनाथ सिंह की छवि भारतीय राजनीति में एक अनुशासित, विचारधारा-आधारित और संगठनप्रिय नेता के रूप में हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, पार्टी अध्यक्ष और अब देश के रक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने अलग-अलग ज़िम्मेदारियों का निर्वहन किया। लखनऊ में उनका व्यक्तित्व अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता है। भाजपा कार्यकर्ताओं और लखनऊ की जनता के बीच उनकी छवि साफ-सुथरे और सरल स्वभाव वाले नेता की है। यही कारण है कि उन्हें यहां से लगातार जीत मिलती रही है, लेकिन राजनीति में उम्र और समय दोनों अहम हैं। राजनाथ सिंह अब सत्तर पार कर चुके हैं और ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि 2029 के बाद वे सक्रिय राजनीति से दूरी बना सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, वे धीरे-धीरे संगठन और परिवार को ज्यादा समय देना चाहते हैं। इन दिनों भाजपा के भीतर और लखनऊ की गलियों में सबसे ज्यादा चर्चा राजनाथ सिंह के बेटे ’’नीरज सिंह’’ की है। नीरज राजनीतिक मंच पर बहुत मुखर नहीं रहे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से वे ’’लखनऊ में सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।’’ विभिन्न कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी और स्थानीय मुद्दों को उठाने की कोशिश ने यह संकेत दिया है कि वे भविष्य की राजनीति के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं।  

लखनऊ की जनता उनके कार्यक्रमों और सक्रियता पर गौर कर रही है। जिन वर्गों से राजनाथ सिंह का सीधा जुड़ाव था, उनसे नीरज भी संवाद स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। यह माना जा रहा है कि उनकी बढ़ती सक्रियता कहीं न कहीं लखनऊ सीट के भविष्य की तैयारी है।  भाजपा में परिवारवाद को लेकर अक्सर सख्त विचारधारा की चर्चा होती है। लेकिन व्यावहारिक स्थिति यह है कि अगर पार्टी आलाकमान को लगता है कि कोई चेहरा जनता के बीच स्वीकार्य है और संगठन के लिए उपयोगी हो सकता है, तो उसे आगे बढ़ने का मौका दिया जाता है। यही कारण है कि ’’नीरज सिंह का नाम बार-बार सुर्खियों में आता है। राजनाथ सिंह की सबसे खास बात यह थी कि वह भले ही बीजेपी के नेता थे,लेकिन उनकी लखनऊ के मुस्लिमों के बीच भी अच्छी विश्वसनीयता थी।

बहरहाल, लखनऊ जैसी प्रतिष्ठित सीट पर भाजपा आलाकमान का निर्णय हमेशा बहुत सोच-समझकर लिया जाता है। यहां पर उम्मीदवार तय करने में केवल स्थानीय ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय समीकरण भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। ऐसे में यह मानने की पूरी संभावना है कि 2029 के बाद अगर राजनाथ सिंह चुनाव मैदान से बाहर होते हैं, तो पार्टी के लिए नीरज एक स्वाभाविक विकल्प के तौर पर देखे जाएं। लखनऊ की जनता अपने प्रतिनिधि में व्यक्तित्व, निष्ठा और कार्यक्षमता देखती है। अटल बिहारी वाजपेयी और राजनाथ सिंह जैसे बड़े नेताओं ने इस सीट को केवल चुनावी महत्व ही नहीं बल्कि भावनात्मक और वैचारिक पहचान दी है। लोगों की नज़रें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या नीरज सिंह इस उच्च स्तर की अपेक्षाओं पर खरे उतर पाएंगे।

नीरज सिंह के पक्ष में जो बात जाती है उसमें युवाओं के बीच उनकी सक्रियता और शिक्षा-सभ्यता पर पकड़ उन्हें आकर्षक बनाती है, लेकिन यह भी सच है कि जनता उन्हें सख्त राजनीतिक परीक्षा में परखने के बाद ही अपना जनप्रतिनिधि मान सकती है। वैसे यहां यह नहीं भूलना चाहियें कि लखनऊ सीट हमेशा विपक्ष के लिए चुनौती भरी रही है। भाजपा की मज़बूत पकड़ के बावजूद विपक्ष हर चुनाव में यहां अपनी रणनीति बदलता रहा है। यहां से समय-समय पर कई दिग्गज बीजेपी प्रत्याशी के खिलाफ ताल ठोक चुके हैं। बीजेपी आलाकमान के सामने समस्या यह है कि अगर 2029 में भाजपा नीरज सिंह को मैदान में उतारती है, तो विपक्ष इसे परिवारवाद का मुद्दा बनाकर भुनाने की कोशिश कर सकता है। हालांकि भाजपा का संगठनात्मक ढांचा और राजनाथ सिंह की वर्षों की साख नीरज को एक मजबूत शुरुआती आधार जरूर देंगे।  

राजनीति में भविष्यवाणी करना कठिन है, लेकिन संकेत यही हैं कि आने वाले वर्षों में नीरज सिंह लखनऊ की राजनीति में और केंद्रीय भूमिका निभा सकते हैं। अगर राजनाथ सिंह 2029 के बाद सक्रिय राजनीति से दूर होते हैं, तो लखनऊ की जनता और भाजपा संगठन की नज़रें नीरज पर टिकी होंगी। लखनऊ की जनता के लिए राजनाथ सिंह का प्रतिनिधित्व एक गौरव का हिस्सा रहा है। अब सवाल यह है कि क्या यह विरासत उनके बेटे नीरज सिंह संभालेंगे। 2029 का चुनाव लखनऊ की राजनीति के लिए केवल एक और चुनाव नहीं, बल्कि एक बड़े ’’नेतृत्व परिवर्तन’’ का संकेतक हो सकता है। समय बताएगा कि नीरज सिंह वास्तव में जनता के दिलों में वही जगह बना पाएंगे या नहीं, जो अब तक उनके पिता ने बनाई है।  


Website Design By

KAMAKSHI WEB

CONTACT : +91-9753910111


 

डिस्क्लेमर

 खबर से सम्बंधित समस्त जानकारी और साक्ष्य ऑथर/पत्रकार/संवाददाता की जिम्मेदारी हैं. खबर से इंडियामिक्स मीडिया नेटवर्क सहमत हो ये जरुरी नही है. आपत्ति या सुझाव के लिए ईमेल करे : editor@indiamix.in

इंडियामिक्स को सब्सक्राइब करे

Get it on Indus Appstore
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Threads
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Cry0
Surprise0
Angry0
Embarrass0
Byअजय कुमार
Follow:
वरिष्ठ पत्रकार , इंडियामिक्स, लखनऊ, उत्तर प्रदेश
Previous Article राजनीति: माया राजनीति से मोह भंग की शिकार नहीं, बस सही समय का इंतजार ! राजनीति: माया राजनीति से मोह भंग की शिकार नहीं, बस सही समय का इंतजार !
Next Article राजनीति: योगी के पास संभल हिंसा-डेमोग्राफी चेंज की रिपोर्ट आते ही सियासत शुरू राजनीति: योगी के पास संभल हिंसा-डेमोग्राफी चेंज की रिपोर्ट आते ही सियासत शुरू
Leave a review Leave a review

Leave a Review Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Please select a rating!

प्रशासनिक अधिकारियो से, नेताओ से और पुलिस से आपका निजी लगाव आपकी पत्रकारिता को निष्पक्ष नहीं रहने देता

मुकेश धभाई, संपादक, इंडियामिक्स

Stay Connected

FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
WhatsAppFollow
Google NewsFollow
ThreadsFollow
RSS FeedFollow

Latest News

यूपी में सवा करोड़ वोटरों के नाम कटने का संकट 75% हिंदू, योगी सरकार पर खतरे की घंटी
यूपी में सवा करोड़ वोटरों के नाम कटने का संकट 75% हिंदू, योगी सरकार पर खतरे की घंटी
उत्तरप्रदेश
31/01/2026
रतलाम: महाशिवरात्रि पर 251 यजमान एक साथ करेंगे महाकाल महारुद्राभिषेक
रतलाम: महाशिवरात्रि पर 251 यजमान एक साथ करेंगे महाकाल महारुद्राभिषेक
रतलाम
29/01/2026
UGC Controversy : यूजीसी के नये नियमों से अगड़े-पिछड़े में फूट, सियासत भी तेज
UGC Controversy : यूजीसी के नये नियमों से अगड़े-पिछड़े में फूट, सियासत भी तेज
देश
29/01/2026
UGC Controversy : यूजीसी के नये नियमों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दस्तक
UGC Controversy : यूजीसी के नये नियमों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दस्तक
देश
29/01/2026
सेहत : शराब के दो पैग, लंबी उम्र का राज या भ्रम
सेहत : शराब के दो पैग, लंबी उम्र का राज या भ्रम
देश
29/01/2026

पत्रकारिता आपकी जान ले सकती हैं, लेकिन जब तक आप इसमें हैं, तब तक ये आपको जीवित रखेगी.

होरेस ग्रीले
//

IndiaMIX Media Network was established in November 2018 in Ratlam city of Madhya Pradesh. Keeping in view the current digital era, it was started as a digital media (news portal).

  • About Us
  • Cookie Policy
  • Support Us
  • Fact Checking Policy
  • Ethics Policy
  • Term of Use
  • Corrections Policy
  • Privacy Policy
  • Contact Us
INDIAMIXINDIAMIX
Follow US
© 2018-2025 IndiaMIX Media Network., All Rights Reserved. Designed by Kamakshi Web +91-8959521010
adbanner