भदनपुर भटूरा मार्ग को लेकर प्रशासन वा सरकार दोनों मिलकर किसानों के साथ कर रहे है धोखा को लेकर जिला कलेक्टर को मुआवजा देने के लिए किसानों के साथ मिलकर विश्वनाथ सिंह तिवारी ने दिया ज्ञापन

सतना / इंडियामिक्स न्यूज़ मामला मध्यप्रदेश के सतना जिले मैहर तहसील का मामला है जो कि मैहर के भदनपुर-भटूरा मार्ग का है जो किसानों को जहा एक तरफ करोना ने हमला किया हुआ है वही दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारी वा सरकार कहर बनकर टूट रही है वा आज किसान को जिस तरह सरकार वा प्रशासन दोनों मिलकर पूरी तरह बर्बाद करने के लिए कमर कसे हुए है यह बाते समाज सेवी विश्वनाथ सिंह तिवारी ने जिला कलेक्टर सतना को किसानों को साथ लेकर किसानों की व्यथा को बताकर ज्ञापन दिया गया वही किसानों के दर्द कि कथा नहीं व्यथा के बारे में बताई कि मामले में अहम रोल एसडीएम मैहर, नायब तहसीलदार बदेरा, पटवारी सौखी लाल रावत ने खेला है ।
जो सड़क का निर्माण कार्य की स्वीकृति भदनपुर से भटूरा तक मार्ग का है जो की मध्यप्रदेश रोड डॉप्लमेंट कम्पनी (एमपीआरडीसी) के द्वारा स्वीकृत हुई है जिसका निर्माण कार्य सड़ेरा से प्रारम्भ किया गया है सड़क की भूमि का कोई भी भू_- अर्जन नहीं किया है। सड़क बनाने के लिए किसानों को कोई भी मुआवजा नहीं दिया गया है बिना कोई छतिपुर्ती दिए हुए निर्माण कार्य चालू कर दिया गया है जिसमें तमाम किसान भूमिहीन होकर बेरोजगार है वा किसानों का परिवार जहा दर दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर हैं वही कुछ प्रशासनिक अधिकारियों की मनमानियों से इस रोड निर्माण के अंतर्गत आने वाले गांव के किसान जैसे अजमाईन , भदनपुर, सालाइया, घोरबई, बंधी, आमगार, बैराह, शड़ेरा, झिराहट आदि गावो के किसान प्रभावित हुए वा भदनपुर से भटूरा मार्ग में जहा समस्त गांव के 300 किसानों की जमीन रोड में फसी हुई है जो अभी 9 किसानों द्वारा व्यौहार न्यालय मैहर में दीवानी दवा प्रस्तुत है वा दावा प्रस्तुत होने के बाद एसडीएम मैहर द्वारा दावे के विचरण में रहते हुए व्यवहार न्यालय में दावा प्रस्तुत करने वाले सभी 9 किसानों की जमीन के खसरो पर तारीख 10 जून 2020 को सड़क दर्ज कर दी गई है वा सड़क का कार्य भी चालू कर सैकड़ों किसानों की जमीन पर मुरूम खड़ी फसल पर बिछा दी गई है ।

एक दिन में ही पटवारी तहसीलदार वा एसडीएम साहब मिलकर बिना किसानों की उपस्थिति में ही वा बिना सीमांकन किए हुए खसरा में रोड दर्ज कर दी गई है वही सैकड़ों किसान ऐसे भी हैं जिनके पास शासन को नोटिस या दावा प्रस्तुत करने के लिए पैसे नहीं है वा किसान भुखो मर रहा है ऐसे ही 13 और किसानों द्वारा समाज सेवी विश्वनाथ सिंह जी द्वारा जिला कलेक्टर सतना को उचित मुआवजा दिलाने के लिए ज्ञापन सौंपा है। एमपीआरडीसी से रोड बनाने का ठेका पी डी अग्रवाल कंस्ट्रक्शन कम्पनी ने ले रखी है वा पी डी कंस्ट्रक्शन कम्पनी जो कि 16 मीटर चौड़ी सड़क बनानी है वा फिर किसानों की ही जमीन से 5 फिट जमीन प्रधान मंत्री पेय जल योजना में देनी होगी वा साथ ही 5 फिट जमीन डिजिटल इंडिया की केवल बिछाने के लिए देनी होगी अच्छी बात है जनता की सुविधा के लिए प्रशासन वा सरकार का एक अच्छा कदम है जो स्वागत योग्य है परन्तु क्या किसानों को बर्बाद करके बिना कोई मुआवजा दिए हुए किसानों की जमीन छीनी जाय किसान के बच्चो के मुंह से निवाला छीनकर रोड बनाना चाहिए ।
हम मानते है कि सरकार की एक गाइड लाइन है कि अगर सरकार को देश के किसी भी नागरिक का चाहे मकान हो या किसान का खेत सरकार उचित मुआवजा किसान को देकर वह जमीन सरकार ले सकती है परन्तु यहां पर किसानों को अभी तक फूटी कौड़ी तक नहीं मिला है और किसानों के खसरे में रोड दर्ज कर रोड का काम चालू कर देना यह एक गंभीर मुद्दा है जिसे अगर जल्द नहीं सुलझाया गया तो ग्रामीणों में बहुत ज्यादा अंसतोष व्याप्त हैं।
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