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इंदौर : लोन माफ़ करवाने और शादी का लालच दे हिन्दू परिवार का धर्मांतरण करवाने का प्रयास

इंदौर के बाणगंगा निवासी हिन्दू परिवार पर ईसाई बनने का दबाव बनाया गया और इसके लिए उन्हें विभिन्न प्रलोभन दिए गये। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस आरोपी गणेश और जानी को गिरफ्तार कर चुकी है।

इंदौर : लोन माफ़ करवाने और शादी का लालच दे हिन्दू परिवार का धर्मांतरण करवाने का प्रयास
इंदौर : लोन माफ़ करवाने और शादी का लालच दे हिन्दू परिवार का धर्मांतरण करवाने का प्रयास 2

इंदौर : शहर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में लालच देकर और दबाव बनाकर हिन्दू परिवार का जबरन धर्मांतरण करवाने का मामला सामने आया है। रामदेवी कुर्मी निवासी कुमेडी कांकड़ (बाणगंगा) की शिकायत पर आरोपी गणेश, जानी और जानी की पत्नी शीला निवासी तिरुमाला प्राइड’ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनके विरुद्ध भादस की धारा 295-अ के अंतर्गत प्रकरण भी दर्ज किया गया है। पीड़ित का आरोप है की इन लोगों ने उनके परिवार पर जबरन ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया तथा इसके बदले में इनका लोन चुकाने, शादी करवाने, अच्छी नौकरी लगवाने जैसे प्रलोभन भी दिए।

पीड़ित रामदेवी ने बताया की 30 जून की रोपी जॉन और उसकी पत्नी शिला उनके घर आये उनसे उनका नाम और धर्म आदि पुछा तथा सभा में आने का न्योता दिया। रामादेवी ने जब उन्हें आने से मना कर दिया तो उन्होंने घर में रखी भगवान विष्णु, शंकर की तस्वीरे देख उनके बारे में आपत्तिजनक बातें कही, जिससे पीडिता और परिजनों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई जिसपर परिवार वालों ने इन दोनों को घर से निकाल दिया। रामदेवी ने जब इसके बारे में अपने पति मनोज को बताया तो उन्होंने इसकी सूचना क्षेत्र के हिंदूवादी संगठनों को दी।

सोमवार शाम को फिर ये दोनों रामदेवी के पडोसी गणेश राजनुकर के साथ पुनः घर आये और धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने लगे। इन्होने परिवार को विभिन्न सविधाएं देने, पैसे देने, लोन माफ़ करवाने, बच्चों की पढ़ाई करवाने और अच्छी नौकरी लगवाने का लालच दिया। इसपर परिवार वालों ने परिचितों को बुलाया जिन्होंने इन्हें पकड़ पुलिस के हवाले कर दिया, इनके पास से ईसाई धर्म के प्रचार से जुडी किताबे भी बरामद हुई। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस इस मामले की आगे जाँच कर रही है। इस घटना पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा भी नजर बनाये हुए हैं।

बताया जा रहा कि आरोपी के घर प्रत्येक सप्ताह ईसाई धर्म की सभा होती है, जिसमे आसपास से गरीब मजदूरों को बुलाया जाता है तथा उन्हें विभिन्न प्रलोभन देकर धर्मान्तरित करने का प्रयास किया जाता है। आरोपी की पत्नी की मृत्यु के बाद वो उसे दफ़नाने के लिए अड़ गया था जिसके बाद उसके पिता से उसका विवाद भी हुआ था। अपनी इन्हीं हरकतों के कारण उसे नौकरी से भी निकाला गया था।

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