नवीन कन्ट्रोल रूम पर हुई बैठक में जिले की पुलिस व्यवस्थाओ को बेहतर बनाने के निर्देश, पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी ने ली बैठक, लंबे समय बाद हुई समीक्षा बैठक में एसपी दिखे सख़्त

रतलाम/इंडियामिक्स : दो दिन पूर्व नए पुलिस कंट्रोल रूम पर आयोजित क्राइम मीटिंग में एसपी गौरव तिवारी ने थाना प्रभारियों को जिले में अपराधों को रोकने के लिए लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए। बैठक में गंभीर अपराधों को लेकर संतोषजनक उत्तर नहीं देने पर एसपी तिवारी ने औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी जनकसिंह रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया। वहीं अवैध शराब के विशेष अभियान में प्रभावी कार्रवाई न करने पर स्टेशन रोड, माणक चौक, आइए रतलाम, सरवन, जावरा शहर, पिपलौदा व बड़ावदा थाना प्रभारियों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया।
जिले में जिन थानों पर स्थायी वारंटों की तामिली 30 प्रतिशत से कम हुई है, उनके प्रभारियों को चेतावनी देते हुए एसपी ने तामिली का प्रतिशत बढ़ाने व लंबित अपराधों का अध्ययन न करने पर नामली थाना प्रभारी रामसिंह भाबोर को निंदा से दंडित किया गया। महिला संबंधी अपराधों की विवेचना में ज्यादा तेजी लाने के साथ थाना प्रभारी घटनास्थल का स्वयं अवलोकन करें। शिकायत मिलने पर तत्कार दल रवाना कर आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास करें। एसपी गौरव तिवारी ने गत दिवस क्राइम मीटिंग में यह निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिए।
एसपी ने कहा कि महिला कर्मचारी द्वारा फरियादिया के कथन की रिकार्डिंग कराएं, कुछ बिन्दु यदि स्पष्ट नहीं होते हैं तो वे भी स्पष्ट कराएं ताकि सही धाराओं में अपराध दर्ज कर प्रभावी कार्रवाई की जा सके। महिला संबंधी अपराधों व गुमशुदगी में प्रभावी कार्रवाई के लिए 15 जुलाई से शुरु किए जाने वाले विशेष अभियान में ज्यादा से ज्यादा कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। 45 दिवसीय आपरेशन मुस्कान के सफल क्रियान्वयन के लिए एसडीओपी, सीएसपी व थाना प्रभारी अपहृत बालक-बालिकाओं की खोजबीन के लिए विशेष दल गठित कर गुम बालक-बालिकाओं की तलाश करें। एसपी ने मंदिरों, बैंकों, टोल नाको एवं अन्य संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की समीक्षा भी की। बैठक में एएसपी (ग्रामीण) सुनील पाटीदार, जिले के एसडीओपी, सीएसपी व थाना व चौकी प्रभारी उपस्थित थे।
ये निर्देश भी दिए :-
- अवैध रेत उत्खनन के प्रकरणों में सख्त कार्रवाई करें।
- थाना प्रभारी शाम 6 से रात 12 बजे तक पैदल भ्रमण करें।
- जिन अपराधों में 7 वर्ष से कम सजा है, उनके आरोपित यदि पुनः अपराध करते है तो उन्हें जेल में बंद कराने के लिए प्रतिवेदन न्यायालय में पेश करें।
- जिस व्यक्ति को थाने लाया जाए, उसकी जानकारी थाना प्रभारी को होना जरूरी है। थाना प्रभारी समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करें, ताकि अभिरक्षा में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु तथा किसी के साथ मारपीट की कोई घटना न हो।
- अधिकारी जवानों, जनता से अच्छा व्यवहार कर उनकी मदद करें।
- अपराध बढ़ने के कारणों की समीक्षात्मक रिपोर्ट/प्रतिवेदन थाना प्रभारी प्रस्तुत करें।
- चोरी, नकबजनी व अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों पर पूर्ण अंकुश लगाएं। इसके लिए चेकिंग बढ़ाए। थाना व चौकी प्रभारी सप्ताह में दो दिन रात्रि गश्त करें।
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