पराली जलाना दुर्घटना को न्यौता है वहीं वायु प्रदूषण का भी एक बड़ा कारण है, प्रशासन का ध्यान नहीं

रतलाम IMN, मंगलवार रात इप्का लेबोरेटरी से लगे खेत में पराली जलते हुए पायी गयी। शगुन ढाबे के सामने व मुख्य फोरलेन से लगी लगभग 2 बीघा से अधिक भूमि पर पराली जल रही थी। शासन व प्रशासन ने पराली जलाने के नुकसान को देखते हुए इस पर प्रतिबंध लगा रखा है। ऐसा करते पाए जाने पर जलाने वाले के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान है मगर फिर भी कई खेत मालिक इसे जलाते नजर आ रहे हैं जिस ओर शायद प्रशासन का ध्यान नहीं है।
आपको बता दे की पराली जलाने से सबसे बड़ा नुकसान खड़ी फसल में आग लगने का होता है। यदि कोई किसान अपने हिस्से की पराली जलाता है तो पास की खड़ी सुखी फसल में आग लगने का डर रहता है। वहीं पराली जलाने से वायु प्रदूषण होता है जिससे गम्भीर बीमारिया जन्म लेती है।
पराली को जला देने से पशु आहार भी।खत्म हो जाता है क्योंकि इसी से गाय भैंस आदि के लिए भूंसा तैयार किया जाता है।
फसल कटाई लगभग शुरू हो चुकी है ऐसे में जल्द से जल्द किसानों को पराली जलाने से रोका जाना जरूरी है जिससे कोई दुर्घटना होने से बचाई जा सके व पर्यावरण संरक्षण भी हो सके। देखे वीडियो………
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