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सीहोर : जिला के उदयपुर के शमशान का सामने आया शर्मनाक सच अनुसूचितजाति के व्यक्ति के दाह संस्कार पर प्रतिबंध था ।


जातिवाद फैलाने वाले लोगों पर कार्यवाही की मांंग, कलेक्ट्रेट पहुंचकर ग्रामीणों ने दिया कलेक्टर को ज्ञापन ।

सीहोर : जिला के उदयपुर के शमशान का सामने आया शर्मनाक सच अनुसूचितजाति के व्यक्ति के दाह संस्कार पर प्रतिबंध था ।

सीहोर इंडियामिक्स न्यूज़ सार्वजनिक पंचायती शमशान में अनुूसूचित जाति के ग्रामीणों के अंतिम संस्कार पर दंबगों ने प्रतिबंध लगा दिया है। शमशान के नाम पर एक लाख 80 हजार रूपये की सरकारी राशि भी हड़प ली गई है। 

कलेक्ट्रेट पहुंचकर मंगलवार को आष्टा तहसील के ग्राम उदयपुर के अनुसूचित जाति के ग्रामीणों ने दह संस्कार के लिए अलग शमशाम भूमि देने और गांव में जातिवाद फेलाने वाले शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित रखने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाहीं करने की मांग को लेकर डिप्टी कलेक्टर प्रगति वर्मा को कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया है। 

ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया की ग्राम के समाजसेवी हिम्मत सिंह ने सार्वजनिक शमशान का निर्माण कराया था। इसी शमशान पर सरपंच सचिव के द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत केवल टीनशेड लगाया गया और एक लाख 80 हजार रूपये का गवन कर दिया। ग्रामीणों की आवाज को दवाने के लिए गांव में जातिवाद घोलो गया। दंबगों ने अनुसुचित जाति के व्यक्ति की मृत्यु होने पर शमशान में अंतिम संस्कार पर प्रतिबंध हीं लगा दिया और अनुसुचित जाति के लिए कोई अन्य स्थान पर भी शमशान बनाकर नहीं दिया। 


गांव के दबंगों की मनमानी यही नहीं रूकी उन्होने ने अनुसुचित जाति के किसी भी परिवार के सदस्य को शासकीय योजनाओं का लाभ नही लेने दिया। प्रधानमंत्री आवास योजना, संबल योजना, शौचालय योजना, वृद्ध पेंशन योजना सहित अन्य सभी योजनाओं से गांव के सभी अनुसुचित जाति के लोगों को आपात्र घोषित कर दिया। 


ज्ञापन देने वालों में जगन्नाथ, मांगीलाल, देवकरण, दिनेश पेरवाल, इंदर सिंह, दयाराम, फूल सिंह, राजन सिंह, कमल सिंह, सुनील, विक्रम सिंह, जीवन सिंह, भागीरथ, रमेश परेवाल सहित अन्य ग्रामीणजन शामिल रहे। 

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