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“हम दो हमारे दो” के हिसाब से चल रही है मोदी सरकार – राहुल गाँधी

आज लोकसभा में बोलते हुये कांग्रेस सांसद राहुल गाँधी ने मोदी सरकार पर तंज कसते हुये कहा की यह सरकार “हम दो हमारे दो” की तर्ज पर काम कर रही है. ऐसा कहते हुये गाँधी का इशारा “मोदी-शाह” तथा “अडानी-अम्बानी” की ओर था.

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"हम दो हमारे दो" के हिसाब से चल रही है मोदी सरकार - राहुल गाँधी 2

हि.स. – कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए ‘हम दो हमारे दो’ की सरकार बताया। उन्होंने फेमिली प्लानिंग के ‘हम दो हमारे दो’ के नारे का हवाला देते हुए कहा कि सरकार को गरीबों की चिंता नहीं है बल्कि चंद पूंजीपतियों की परवाह है। 

उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि उसके तीन कृषि कानूनों से गरीब, मजदूर और छोटे व्यापारी बर्बाद हो जाए और फिर चार लोग इस देश को चलाएं। इस दौरान राहुल ने केंद्र के तीन कृषि कानूनों के इंटेंट और कंटेट (इरादे और सामग्री) पर सवाल उठाए। लोकसभा में बजट पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए राहुल गांधी ने कहा कि बुधवार को सदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि विपक्ष आंदोलन की बात कर रहा है लेकिन कृषि कानूनों की विषय-वस्तु और मंशा के बारे में नहीं। उन्होंने कहा कि वे संसद में कानूनों की सामग्री और इरादे के बारे में बात करेंगे।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि पहले कानून का निष्कर्ष यह है कि देश में कहीं भी खाद्यान्न, फल ​​और सब्जियों की असीमित खरीद हो सकती है। अगर देश में कहीं भी खरीद असीमित है, तो मंडियों में कौन जाएगा?  इसीलिए स्पष्ट है कि पहले कानून की सामग्री मंडियों को खत्म करना है। वहीं, दूसरे कानून की सामग्री यह है कि बड़े व्यापारी जितना चाहें उतना अनाज, फल और सब्जियां स्टोर कर सकते हैं। वे जितना चाहें उतना होर्डिग लगा सकते हैं। दूसरे कानून की सामग्री आवश्यक वस्तु अधिनियम को समाप्त करना है। यह भारत में असीमित जमाखोरी शुरू करना है। जबकि तीसरे कानून में स्पष्ट है कि किसान अपनी ही उपज के सही दाम को लेकर अदालत का रुख नहीं कर सकता।

राहुल ने मोदी सरकार को ‘हम दो हमारे दो’ की सरकार बताते हुए कहा कि इस देश को सिर्फ चार लोग चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं लोगों को विकल्प दिया गया है। सरकार की ओर से लोगों को भूख, बेरोजगारी और आत्महत्या का विकल्प मिला हैं। ऐसे में जब ये तीन काले कृषि कानून लागू होंगे, इस देश के किसान, मजदूर और छोटे व्यापारी का धंधा बंद हो जाएगा। तब ‘हम दो हमारे दो’ वाली सरकार के साथ सिर्फ चार लोग इस देश को चलाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों की चिंता करने के बजाय सिर्फ चंद पूंजीपतियों की परवाह करती है। काले कानूनों के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन पर राहुल गांधी ने कहा कि यह किसान नहीं देश का आंदोलन है। किसान सिर्फ रास्ता दिखा रहा है। मुझसे लिखकर ले लीजिए किसान एक इंच पीछे नहीं हटने वाला। सरकार को कानून वापस लेना ही पड़ेगा।

किसान आन्दोलन में शहीद हुये किसानों को राहुल गाँधी ने श्रद्धांजलि दी

बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी किसान आंदोलन में जान गंवाने वालों के प्रति श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन भी रखा। उन्होंने कहा, ‘मैं आज बजट पर बात नहीं करूंगा, बस किसान के मुद्दे पर बात करूंगा। शहीद किसानों के लिए मौन करूंगा।’ इसके बाद राहुल गांधी ने दो मिनट का मौन किया।

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