INDIAMIXINDIAMIXINDIAMIX
  • देश
  • मध्यप्रदेश
    • रतलाम
    • देवास
    • उज्जैन
    • सीहोर
    • इंदौर
    • भोपाल
    • झाबुआ
    • धार
    • सतना
    • रीवा
  • राज्य
    • गुजरात
      • दाहोद
    • उत्तरप्रदेश
      • लखनऊ
    • राजस्थान
      • जयपुर
      • उदयपुर
  • राजनीति
  • मनोरंजन
  • दुनिया
  • अन्य
    • YouTube
    • Story Archives
    • टेक्नोलॉजी
    • विडियो
    • सेहत/घरेलु नुस्खे
    • धर्म/ज्योतिष
    • कला/साहित्य
    • खेल
Search
  • About Us
  • Cookie Policy
  • Support Us
  • Fact Checking Policy
  • Ethics Policy
  • Term of Use
  • Corrections Policy
  • Privacy Policy
  • Contact Us
  • About Us
  • Cookie Policy
  • Support Us
  • Fact Checking Policy
  • Ethics Policy
  • Term of Use
  • Corrections Policy
  • Privacy Policy
  • Contact Us
© 2018-2025 IndiaMIX Media Network., All Rights Reserved. Designed by Kamakshi Web +91-8959521010
Reading: लाहौर को फिर मिलने लगी हिंदू नाम वाली पहचान
Share
Notification
Font ResizerAa
INDIAMIXINDIAMIX
Font ResizerAa
  • देश
  • मध्यप्रदेश
  • राज्य
  • राजनीति
  • मनोरंजन
  • दुनिया
  • अन्य
Search
  • देश
  • मध्यप्रदेश
    • रतलाम
    • देवास
    • उज्जैन
    • सीहोर
    • इंदौर
    • भोपाल
    • झाबुआ
    • धार
    • सतना
    • रीवा
  • राज्य
    • गुजरात
    • उत्तरप्रदेश
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • मनोरंजन
  • दुनिया
  • अन्य
    • YouTube
    • Story Archives
    • टेक्नोलॉजी
    • विडियो
    • सेहत/घरेलु नुस्खे
    • धर्म/ज्योतिष
    • कला/साहित्य
    • खेल
Follow US
  • About Us
  • Cookie Policy
  • Support Us
  • Fact Checking Policy
  • Ethics Policy
  • Term of Use
  • Corrections Policy
  • Privacy Policy
  • Contact Us
© 2018-2025 IndiaMIX Media Network., All Rights Reserved. Designed by Kamakshi Web +91-9753910111
INDIAMIX > दुनिया > लाहौर को फिर मिलने लगी हिंदू नाम वाली पहचान
दुनिया

लाहौर को फिर मिलने लगी हिंदू नाम वाली पहचान

SANJAY SAXENA
Last updated: 19/05/2026 11:05 AM
By
SANJAY SAXENA
Share
6 Min Read
SHARE
Lahore begins to regain its Hindu identity.

न्यूज़ डेस्क/इंडियामिक्स लाहौर जिसे पाकिस्तान का दिल कहा जाता है, उस लाहौर  की आत्मा  सांझी सांस्कृतिक विरासत का जीता-जागता गवाह भी है। रावी के किनारे बसा यह शहर सदियों तक हिंदू, सिख, मुसलमान और बौद्ध सभ्यताओं की साझा थाती रहा है। 1947 से पहले लाहौर में हिंदू और सिख आबादी की एक बड़ी हिस्सेदारी थी। बाजारों में लक्ष्मी की पूजा होती थी, गली-गली में कृष्ण के मंदिर थे, जैन व्यापारियों के चौक पर धर्म की चर्चा होती थी। इन मोहल्लों, चौकों और सड़कों के नाम उस जीवंत समाज की भाषा बोलते थे-कृष्णनगर, संतनगर, लक्ष्मी चौक, जैन मंदिर चौक, धर्मपुरा आदि। लेकिन 1947 में विभाजन की आग ने सब कुछ बदल दिया। बंटवारे के बाद लाखों हिंदू और सिख परिवार रातों-रात अपनी जड़ें छोड़कर भारत आ गए। उनके जाने के साथ उनके नाम भी धीरे-धीरे मिटने लगे। विशेष रूप से 1990 के दशक में जब पाकिस्तान में धार्मिक कट्टरपंथ की लहर अपने चरम पर थी, इन ऐतिहासिक नामों को व्यवस्थित रूप से बदला जाने लगा। जहाँ कभी लक्ष्मी चौक की रौनक थी, वहाँ मौलाना जफर चौक का बोर्ड लग गया। जैन मंदिर चौक को बाबरी मस्जिद चौक का नाम दे दिया गया। कृष्णा नगर इस्लामपुरा बन गया। धर्मपुरा, मुस्तफाबाद हो गया। यह बदलाव महज नामों का परिवर्तन नहीं था,यह एक सभ्यता की स्मृति को जानबूझकर मिटाने की कोशिश थी,लेकिन पाकिस्तान की आजादी के करीब 78 साल बाद, इतिहास एक अप्रत्याशित करवट ले रहा है।

-- विज्ञापन --

लाहौर प्रशासन ने पिछले दो महीनों के भीतर 9 प्रमुख जगहों के इस्लामी नाम बदलकर उन्हें पुराने हिंदू और ब्रिटिश काल के मूल नामों पर बहाल कर दिया है। इस पहल को लाहौर हेरिटेज एरिया रिवाइवल नाम दिया गया है और यह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज की देखरेख में शुरू की गई है। इसका उद्देश्य लाहौर के पुराने इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना है। इसी के चलते लाहौर नगर निगम के रिकॉर्ड और सड़कों पर अब यह इतिहास दर्ज हो चुका है। इस्लामपुरा को कृष्णनगर, सुजतनगर को संतनगर और मौलाना जफर चौक को लक्ष्मी चौक का नाम वापस मिल गया है। बाबरी मस्जिद चौक अब जैन मंदिर चौक,मुस्तफाबाद अब धर्मपुरा, और सर आगा खान चौक अब डेविस रोड कहलाएगा। इसके अलावा अल्लामा इकबाल रोड को जेल रोड, फातिमा जिन्ना रोड को क्वींस रोड और बाग-ए-जिन्ना को फिर से लॉरेंस गार्डन का पुराना नाम दे दिया गया है। इन परिवर्तनों के साथ ही शहर में नए बोर्ड भी लगा दिए गए हैं। एक ऐसा दृश्य जो कुछ साल पहले तक कल्पना से परे लगता था।

-- विज्ञापन --

इस पूरी पहल के पीछे जो सबसे बड़ा नाम है, वह है पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ। मार्च 2025 में स्थापित लाहौर अथॉरिटी फॉर हेरिटेज रिवाइवल के संरक्षक-प्रमुख नवाज शरीफ हैं और मरियम नवाज इसे कार्यकारी निगरानी प्रदान करती हैं। इस संस्था का वार्षिक बजट 635 मिलियन रुपये आवंटित किया गया है। मरियम नवाज की सोच यह है कि लाहौर की असली ताकत उसकी बहुसांस्कृतिक विरासत में है। 48 औपनिवेशिक इमारतों की बहाली का काम चल रहा है और भाटी गेट, शालीमार बाग, और शाहदरा कॉम्पलेक्स जैसे प्रमुख स्थल भी इस पुनरुद्धार योजना में शामिल हैं।

-- विज्ञापन --

बहरहाल,यह कदम केवल भावनात्मक नहीं है।इसके पीछे कुछ बुनियादी बातें भी छिपी हैं। इसमें पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय छवि सुधारने की राजनीतिक समझ भी काम कर रही है। लाहौर को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की महत्वाकांक्षा भी इस योजना के पीछे एक प्रेरणा है, जो बात सबसे अधिक चौंकाती है, वह यह है कि इस बड़े बदलाव पर पाकिस्तान के अंदर से कोई बड़ा विरोध नहीं उठा। जबकि ऐसे मामलों में धार्मिक कट्टरपंथी संगठन प्रायः सड़क पर उतर आते हैं।बीकनहाउस यूनिवर्सिटी के लेक्चरर साद मलिक कहते हैं कि प्रशासन ने भले ही कागजों में इसका नाम मौलाना जफर अली चौक कर दिया था, लेकिन उनके और उनके पिता जैसे कई लोगों के लिए यह हमेशा से लक्ष्मी चौक ही रहा। यह नाम उनकी साझी विरासत का हिस्सा है।

अनारकली इलाके के रहने वाले मौलाना वाजिद कादरी ने स्पष्ट कहा कि इस्लाम को किसी मंदिर या गुरुद्वारे से कोई दिक्कत नहीं है। उनका मानना है कि 1990 के दशक में जैन मंदिर चौक का नाम बाबरी मस्जिद चौक करना महज एक सियासी फैसला था और जिन पूर्वजों ने ये हिंदू नाम रखे थे, वे भी मुसलमान ही थे, इससे उनके ईमान पर कोई आंच नहीं आई थी।लाहौर में बदलाव का यह घटनाक्रम उस वक्त हो रहा है जब पाकिस्तान भीषण आर्थिक संकट, अंतर्राष्ट्रीय अलगाव और अपनी बिगड़ती छवि से जूझ रहा है। ऐसे में लाहौर की विरासत को पुनर्जीवित करना एक तरफ जहाँ सांस्कृतिक परिपक्वता का संकेत है, वहीं दूसरी तरफ यह एक रणनीतिक कदम भी है, विश्व को यह संदेश देना कि पाकिस्तान केवल कट्टरपंथ की पहचान नहीं है। लाहौर के पुराने बाशिंदे, जो भारत में है, इन खबरों को सुनकर भावुक हो जाते हैं। उनके लिए लक्ष्मी चौक या कृष्णनगर सिर्फ नाम नहीं, उनकी पुश्तैनी यादें हैं। शायद यही वह भावनात्मक धरातल है जिस पर खड़े होकर दो देशों के बीच की दूरी कुछ कम होती दिखती है।  


Website Design By

KAMAKSHI WEB

CONTACT : +91-9753910111


 

डिस्क्लेमर

 खबर से सम्बंधित समस्त जानकारी और साक्ष्य ऑथर/पत्रकार/संवाददाता की जिम्मेदारी हैं. खबर से इंडियामिक्स मीडिया नेटवर्क सहमत हो ये जरुरी नही है. आपत्ति या सुझाव के लिए ईमेल करे : editor@indiamix.in

इंडियामिक्स को सब्सक्राइब करे

Get it on Indus Appstore
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Threads
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Cry0
Surprise0
Angry0
Embarrass0
BySANJAY SAXENA
Follow:
वरिष्ठ पत्रकार, इंडियामिक्स, उत्तर प्रदेश
Previous Article योगी का संदेशः सड़क नमाजघर नहीं, कानून सबसे बड़ा धर्म योगी का संदेशः सड़क नमाजघर नहीं, कानून सबसे बड़ा धर्म
Next Article भीम आर्मी का अल्टीमेटम: “7 दिन में कार्रवाई नहीं तो होगा जिला मुख्यालय का घेराव” भीम आर्मी का अल्टीमेटम: “7 दिन में कार्रवाई नहीं तो होगा जिला मुख्यालय का घेराव”
Leave a review Leave a review

Leave a Review Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Please select a rating!

प्रशासनिक अधिकारियो से, नेताओ से और पुलिस से आपका निजी लगाव आपकी पत्रकारिता को निष्पक्ष नहीं रहने देता

मुकेश धभाई, संपादक, इंडियामिक्स

Stay Connected

FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
WhatsAppFollow
Google NewsFollow
ThreadsFollow
RSS FeedFollow

Latest News

भीम आर्मी का अल्टीमेटम: “7 दिन में कार्रवाई नहीं तो होगा जिला मुख्यालय का घेराव”
भीम आर्मी का अल्टीमेटम: “7 दिन में कार्रवाई नहीं तो होगा जिला मुख्यालय का घेराव”
सीहोर
19/05/2026
योगी का संदेशः सड़क नमाजघर नहीं, कानून सबसे बड़ा धर्म
योगी का संदेशः सड़क नमाजघर नहीं, कानून सबसे बड़ा धर्म
उत्तरप्रदेश
19/05/2026
दुनिया : नेशन फर्स्ट पर आगे बढ़ता नेपाल
दुनिया : नेशन फर्स्ट पर आगे बढ़ता नेपाल
दुनिया
16/05/2026
यूपी में ब्राह्मण वोटरों के लिये सजते सियासी गुलदस्ते
यूपी में ब्राह्मण वोटरों के लिये सजते सियासी गुलदस्ते
उत्तरप्रदेश राजनीति
15/05/2026
सनातन पर हमले का ना खत्म होने वाला सिलसिला
सनातन पर हमले का ना खत्म होने वाला सिलसिला
देश राजनीति
14/05/2026

पत्रकारिता आपकी जान ले सकती हैं, लेकिन जब तक आप इसमें हैं, तब तक ये आपको जीवित रखेगी.

होरेस ग्रीले
//

IndiaMIX Media Network was established in November 2018 in Ratlam city of Madhya Pradesh. Keeping in view the current digital era, it was started as a digital media (news portal).

  • About Us
  • Cookie Policy
  • Support Us
  • Fact Checking Policy
  • Ethics Policy
  • Term of Use
  • Corrections Policy
  • Privacy Policy
  • Contact Us
INDIAMIXINDIAMIX
Follow US
© 2018-2025 IndiaMIX Media Network., All Rights Reserved. Designed by Kamakshi Web +91-8959521010