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उज्जैन : दो साल में 2.25 लाख रुपए के 2.84 लाख रुपए करने का दिया था झांसा

एग्रीकल्चर विभाग के रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर से ठगी करने वाला कंपनी मैनेजर गिरफ्तार

उज्जैन : दो साल में 2.25 लाख रुपए के 2.84 लाख रुपए करने का दिया था झांसा

उज्जैन IMN : एग्रीकल्चर विभाग के रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर के साथ 2.25 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में माधव नगर पुलिस ने कंपनी के मैनेजर को देवास से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि उक्त कंपनी का हेडऑफिस कोलकाता में है, जिसकी एक ब्रांच लखनऊ में संचालित हो रही है।

ललित चतुर्वेदी पिता पोहाबचंद्र निवासी ऋषि नगर एग्रीकल्चर विभाग से रिटायर डिप्टी डायरेक्टर हैं। उन्होंने दिसम्बर 2016 में कमला नेहरू मार्ग फ्रीगंज स्थित विश्वामित्र परिवार मित्र फायनेंस कंपनी में 2 लाख 25 हजार रुपये दो वर्ष के लिये जमा कराये थे। कंपनी एजेंट ने उन्हें बताया था कि एफडी पर कंपनी द्वारा अच्छा ब्याज दिया जाता है। दो वर्ष में आपके रुपये 2 लाख 84 हजार रुपये हो जाएंगे। इसी झांसे में आकर ललित चतुर्वेदी ने 2.25 लाख रुपये की एफडी कराई थी, लेकिन कुछ समय बाद ही उक्त कंपनी बंद हो गई और उनकी रुपये भी डूब गये। इस पर ललित चतुर्वेदी ने कंपनी मैनेजर के खिलाफ धारा 420 के तहत माधव नगर थाने में प्रकरण दर्ज कराया था।

मनेजर ने कहा- मिलाकुछ नहीं, अब जेल जाना पड़ेगा

पुलिस ने मामले की जांच के बाद विश्वामित्र परिवार मित्र फायनेंस कंपनी के मैनेजर आशीष वर्मा निवासी गौतमनगर देवास को गिरफ्तार कर थाने में पूछताछ की तो उसने कहा कि ललित चतुर्वेदी जैसे कई लोगों ने अधिक ब्याज के लालच में कंपनी में रुपये जमा कराये थे। कंपनी का हेड ऑफिस कोलकाता में है जबकि उसकी देश के अलग-अलग राज्यों में ब्रांच हैं। धोखाधड़ी के मामले में कंपनी का एमडी भी गिरफ्तार हो चुका है। इसकी एक ब्रांच लखनऊ में चल रही है, जहां ठगाये लोगों के रुपये लौटाये जा रहे हैं।

11 लाख रु. की धोखाधड़ी करने वाले कैशियर से मोबाइल व लैपटॉप जब्त

पांच दिन की रिमांड पर रुपये जब्त नहीं कर पाए

फ्रीगंज स्थित फायनेंस कंपनी के कैशियर द्वारा कंपनी के रुपये खाते में जमा न करते हुए 11 लाख रुपये से अधिक राशि लेकर लापता हो गया था। कंपनी के फील्ड ऑफिसर की रिपोर्ट पर माधव नगर पुलिस ने कैशियर को गिरफ्तार कर रिमांड के दौरान दो मोबाइल व लैपटॉप जब्त किये लेकिन उससे ठगी की राशि बरामद नहीं हो पाई है। पुलिस ने बताया कि एल एंड टी फायनेंस कंपनी का फ्रीगंज में ऑफिस है। यहां कैशियर के पद पर पदस्थ काम करने वाले प्रतीक पिता प्रकाश भांडेर निवासी तिरूपति ड्रीम्स बडऩगर बायपास रोड द्वारा वर्ष 2017 में 11 लाख 51 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई थी।

कंपनी के फील्ड ऑफिसर रोहित पिता रमेश निवासी वंदना नगर इंदौर द्वारा प्रतीक भांडेर के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई और बताया कि बसंत शर्मा द्वारा प्रतीक को उक्त राशि बैंक खाते में जमा करने के लिये दी गई थी लेकिन उसने रुपये बैंक में जमा नहीं किये और नौकरी छोड़कर भाग गया था। प्रतीक के खिलाफ 420 का प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश करने के बाद 5 दिन की रिमांड पर पूछताछ की व लैपटॉप एवं दो मोबाइल जब्त किये लेकिन उससे रुपये जब्त नहीं हो पाये।

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