26.2 C
Ratlām

राजनीति : बसपा में बगावत ! राज्यसभा के बसपा प्रत्याशी के प्रस्तावको ने नाम वापस लिया !

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव अब और दिलचस्प होता नजर आ रहा है। बीजेपी के 9 सीटों में से आठ पर प्रत्याशी खड़ा करने के बाद चर्चा हो रही थी

राजनीति : बसपा में बगावत ! राज्यसभा के बसपा प्रत्याशी के प्रस्तावको ने नाम वापस लिया !

न्यूज़ डेस्क / इंडियामिक्स न्यूज़ उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी को बड़ा झटका लगा है. नौ नवंबर को राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान होना है, उससे पहले ही बसपा प्रत्याशी के 5 प्रस्तावकों ने अपना प्रस्ताव वापस ले लिया। बताया जा रहा है कि नाम वापस लेने वाले प्रस्तावकों की संख्या 7 भी हो सकती है ।

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव अब और दिलचस्प होता नजर आ रहा है। बीजेपी के 9 सीटों में से आठ पर प्रत्याशी खड़ा करने के बाद चर्चा हो रही थी कि बीएसपी का प्रत्याशी 9वीं सीट जीत सकता है। पार्टी ने भी अपने प्रत्याशी रामजी गौतम की जीत का गणित ठीक होने का दावा किया था लेकिन अब समीकरण बिगड़ता नजर आ रहा है। बसपा प्रत्याशी के दस प्रस्तावकों में से पांच ने अपना नाम वापस ले लिया है। कहा जा रहा है कि पांचों विधायकों ने पार्टी से बगावत कर दी है। इसके अलावा दो और विधायकों को लेकर चर्चा है कि वे मायावती के खिलाफ जा सकते हैं।

बसपा ने रामजी गौतम को अपना राज्यसभा प्रत्याशी बनाया है। कहा जा रहा था कि बीजेपी मायावती की पार्टी को अंदर ही अंदर सपॉर्ट कर रही है और इसलिए अपना 9वां प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा है। रामजी गौतम की जीत पक्की मानी जा रही थी। इधर सपा ने प्रकाश बजाज को निर्दलीय प्रत्याशी बनाया।

क्या है राज्यसभा चुनाव का गणित?
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में अभी 395 (कुल सदस्य संख्या-403) MLA हैं जबकि 8 सीटें खाली हैं. बीजेपी के पास फिलहाल 306 विधायक हैं. वहीं, सपा के पास 48, बसपा के पास 18, कांग्रेस के 7, अपना दल के पास 9 और ओम प्रकाश राजभर की पार्टी के चार विधायक हैं. जबकि 4 निर्दलीय और एक निषाद पार्टी से विधायक हैं.

मौजूदा गणित के अनुसार, बीजेपी अपनी आठ सीटों पर आसानी से जीत दर्ज कर सकती है जबकि समाजवादी पार्टी के पास भी जीतने का मौका है. लेकिन बसपा के प्रत्याशी और निर्दलीय उम्मीदवार के बीच मुकाबला हो सकता है और अब बसपा प्रत्याशी के प्रस्तावकों ने जो झटका दिया है, उससे मुश्किल अधिक बढ़ गई है.

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Name
Latest news
Related news