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Whatsapp : व्हाट्सप्प का बेहतरीन तोड़ है : “सिग्नल एप”

व्हाट्सएप के फेसबुक को डाटा बेचने के बाद से हुआ प्रचलित, जानिए क्या खास बात है इस मैसेंजिंग एप में ?

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टेक्नोलॉजी डेस्क / इंडियामिक्स न्यूज़ दुनिया के सबसे अमीर शख्स टेस्ला के मालिक एलन मस्क समेत कई टेक्नोलॉजी के दिग्गज बता चुके सिग्नल को व्हाट्सएप से बेहतर, व्हाट्सएप की नई डाटा शेयरिंग पॉलिसी ने डाला उसे संकट में, Signal एप पूरी तरह whatsapp जैसा ही है

फेसबुक के मालिकाना हक वाले मल्टीमीडिया मैसेजिंग एप WhatsApp की नई प्राइवेसी पॉलिसी आठ फरवरी से लागू हो रही है जिसके मुताबिक व्हाट्सएप यूजर्स का डाटा फेसबुक, इंस्टाग्राम और पार्टनर कंपनियों के साथ शेयर किया जाएगा। अब व्हाट्सप का डाटा सेक्यूर नहीं रहेगा।

तकनीकी विशेषज्ञों ने WhatsApp की नई पॉलिसी को यूजर्स की निजता का हनन बताया है। बढ़ते विरोध व घटती लोकप्रियता के बाद व्हाट्सएप ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश में कहा है कि नई पॉलिसी बिजनेस अकाउंट की सहूलियत के लिए है। इससे निजी चैट प्रभावित नहीं होंगे।

Whatsapp को कहे By-BY, “Signal” को कहे Hy :

WhatsApp की नई पॉलिसी की घोषणा के बाद टेस्ला के सीईओ और दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क ने Signal एप को सुरक्षित बताया है। साथ ही लोगों से Signal एप को उपयोग करने को कहा है। व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी से नाराज यूजर्स Signal एप को हाथों-हाथ अपना रहे हैं, हालांकि कई यूजर्स टेलीग्राम भी इस्तेमाल करने लगे हैं, लेकिन Signal एप की डाउनलोडिंग में पिछले एक सप्ताह में जबरदस्त इजाफा देखा गया है। भारत में Signal की डाउनलोडिंग में 38 फीसदी का इजाफा हुआ है। यदि भारतीय बाजार में सिग्नल की डाउनलोडिंग का सिलसिला यूं ही चलता रहा तो WhatsApp के लिए बड़ी मुसीबत हो जाएगी, क्योंकि 40 करोड़ से अधिक यूजर्स के साथ भारत व्हाट्सएप के लिए सबसे बड़ा बाजार है। इसी के साथ Telegram व Hike भी अपनी अपनी सुविधाएं दे रहे है।

क्यों करे सिग्नल का उपयोग ?

(अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार) जब भी आपको कोई व्हाट्सएप की जगह Signal एप को इस्तेमाल करने की सलाह देता होगा तो आपके दिमाग में एक सवाल आता होगा कि यदि भविष्य में Signal भी पैसे के लिए हमारे डाटा का इस्तेमाल करना शुरू कर दे तो फिर क्या होगा? तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गूगल प्ले-स्टोर पर दी गई जानकारी के मुताबिक Signal एक गैर लाभकारी संस्था (नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन) है जिसे 2014 में शुरू किया गया था। Signal एप की कमाई विज्ञापन से नहीं बल्कि डोनेशन से होती है।

Signal एप को कई बड़े साइबर एक्सपर्ट्स ने सुरक्षित बताया है। Signal, व्हाट्सएप के मुकाबले इसलिए भी अधिक सुरक्षित है, क्योंकि व्हाट्सएप के सिर्फ मैसेज और कॉल ही एंड टू एंड एंक्रिप्टेड होते हैं, जबकि Signal का मेटा डाटा भी एंड टू एंड एंक्रिप्टेड है। अमेरिका की खुफिया सूचनाएं लीक करने वाले और जाने-माने व्हिसलब्लोवर एडवर्ड स्नोडेन भी सिग्नल की सिक्योरिटी की तारीफ कर चुके हैं।

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